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Showing posts from October, 2021

सेवा और त्याग की प्रतिमूर्ति : राजमाता सिंधिया

आज परम् आदरणीय राजमाता #विजयाराजे सिंधिया जी की #जयंती है। राजमाता जी भारत के सबसे सम्पन्न #राजवंश की आप #महारानी थी, भौतिक रूप से महारानी मगर कार्यों, विचारों व्यवहार से बिल्कुल निर्लिप्त #सन्यासी, स्वतंत्रता के पश्चात लोकतांत्रिक युग में आपने दीन दुखियों की सेवा हेतु #राजनीतिक जीवन प्रारम्भ किया लेकिन जिस दल (कांग्रेस) पर जनता का सर्वाधिक विश्वास था जब वो ही उन्हें छल रहा हो तो आपका मन वहाँ कैसे रमे? स्वतंत्र पार्टी और उस दौर में विकल्प के रूप में उभरे नए नवेले #जनसंघ को आपने थामा, उसे खड़ा किया, उसके अंदर कार्यरत काम करने वाले पदाधिकारियों जो जीवन के समस्त सुखों को ठोकर मारकर, केवल और केवल राष्ट्रासाधना हेतु, #भारत माता की जय हेतु सङ्घर्ष कर रहे थे, उन्हें सम्बल दिया, सशक्त किया और कठिनाइयों से लड़कर आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया। पता था कि इसके परिणामस्वरूप तत्कालीन सत्ता उन्हें प्रताड़ित करेगी परन्तु वे झुकी नही, एक ही समय में वो 2 भिन्न दलों से विजयी भी हुई। आदरणीय #दीनदयाल जी, #अटलबिहारी जी, #आडवाणी जी, नानाजी देशमुख जी भंडारी जी और उन अनेकों कार्यकर्ताओं की माता , बहन साथी बनकर उ...

लोकनायक और राष्ट्र ऋषि : जयप्रकाश नारायण व नानाजी देशमुख

आज भारतवर्ष के दो महान व्यक्तित्व का जन्मदिवस है, पहला लोकनायक श्री जयप्रकाश नारायण जी का और दूसरा कर्मयोगी राष्ट्रऋषि श्री नानाजी देशमुख का। अद्भुत संयोग की कल रात्रि को ही श्रद्धेय नानाजी लिखित पुस्तक "राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ" पढ़कर पूर्ण की। दो विलक्षण महापुरुषों के जीवन के बारे में हमे इस पुस्तक से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। स्वतंत्रता सेनानी जेपी साहब और संघ के प्रचारक तथा बाद में जनसंघ के वरिष्ठ नेता रहे नानाजी का सम्बंध और चिंतन अत्यंत आत्मिक व एकात्म था। जयप्रकाश जी महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित थे तो नानाजी संघ के उन प्रारंभिक स्वयंसेवकों में से थे जिन्होंने संस्थापक प. पूज्य डॉ हेडगेवारजी की प्रेरणा से प्रचारक जीवन अंगीकृत कर उत्तरप्रदेश को अपनी कर्मभूमि बनाया, दीनदयाल उपाध्याय जी नानाजी की ही खोज थे। 1973 में गुजरात के छात्र आंदोलन, तथा 1974 के ऐतिहासिक बिहार के सम्पूर्ण क्रान्ति आंदोलन जिसने देश की जवानी और छात्र शक्ति को जगाकर अन्याय के विरुद्ध लड़ने का जो मंत्र जयप्रकाश जी ने प्रदान किया, उसका वृद्धावस्था में नेतृत्व किया उसमें उनके पूर्ण सहयोगी नानाजी द...

कश्मीर में हत्याकांड और छद्म राजनीति

 मिस्टर स्वघोषित कश्मीरी पंडित #राहुलगांधी एक पण्डित को मारा है..... कश्मीर में मिस्टर चवन्नी ....ओह ...सॉरी.. हलेलुइया चन्नी साहब एक सिख शिक्षिका को गोली मारी गई है.... और एक दलित रेहड़ी वाले को भी.... एक अन्य गैर मुस्लिम शिक्षक  को भी आईडी प्रूफ देख कर मौत दी गई है मिस्टर भूपेश बघेल...... आओ न .....कश्मीर..... क्यों नही आते..... गिद्दों...? नहीं आएंगे ..क्योंकि वो वोट नही दे रहे है.... उन्हें मारने वाले तो भटके हुए नोजवान है....मुस्लिम है, वोट बैंक है...हमारे आका है.... हम सब एक ही मिशन पर है....। कहाँ हो..... तथाकथित दलित हितचिंतकों...? जयभीम-जय मीम के ठेकेदारों....? बाबा साहेब के स्वघोषित अवतारों......? भारत के अन्य राज्यों में दलित अत्याचार के नाम पर सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वालो...?  कश्मीर क्यों नही जाते.....? गरीब वीरेन्द्र पासवान क्या तुम्हारा कुछ नही लगता..? नहीं जाएंगे....वामपंथी चाशनी में डूबे मुरब्बे खाने वाले... विदेशी आकाओं के इशारों पर क्रिप्टो ईसाई के भेष में देश की सनातन संस्कृति व परम्पराओं को नष्ट भृष्ट करने पर तुले ये सुधारवादी नही जाएंगे... क्योकि मारने...

लखीमपुर खीरी प्रकरण और राजनीतिक वहशीपन

 #लखीमपुर_खीरी प्रकरण भेड़ियों के झुण्ड लखीमपुर खीरी जाने को बेताब है, जा रहे है, लाशों को नोच रहे है, लोथड़े बिखेर रहे है जिससे कि दुर्गंध सर्वत्र फैले...वातावरण दूषित हो और इनकी गन्दी सोच, गंदे इरादे, इनके राष्ट्रविरोधी एजेंडे सफल हो।  लखीमपुर में जो कुछ हुआ दुर्भाग्यपूर्ण है, परन्तु उसके पीछे के कड़वे सच पर कोई जाना नही चाहता, किसान के नाम पर उग्रवादी तत्वों की विभत्स गतिविधियों पर कोई नही बोल रहा। भिंडरावाले के पोस्टर लगे कपड़े पहने खलिस्तानियों पर कोई अपनी बात नही रखेगा.., दादा-दादा करते जान बचाने की भीख मांगते वाहन चालक से अपनी इच्छानुसार कुछ भी कहलवाना चाहने वाले अतिवादी और उनके द्वारा लाठियों से पीट-पीटकर मार दिए गए ड्राइवर, पत्रकार व अन्य पर कोई जबान नही खोलता....उनकी नजर में यह लिंचिंग नही है, न्याय है। क्योंकि मरने वाले मुसलमान नही थे।  जाना क्यों है...? क्या हमदर्दी दिखाने की इतनी जल्दी है..? ये लोग केरल, बंगाल, कश्मीर क्यों नही जाते..? ये राजस्थान, पंजाब, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ आदि गैर भाजपाई सत्ता वाले राज्यों में जाकर दीन दुखियों के आँसू क्यों नही पोछते....? उत्त...

नशे की जकड़ में बचपन

हकले के बेटे के ड्रग्स प्रकरण में पकड़े जाने से गदगद बन्धुओं से निवेदन है कि अपने गाँव/शहर, गली, मोहल्लों और घर पर भी नजर डालें.....। हर जगह चाय की थड़ियों के पीछे बैठकर हमारी तरुणाई सफेद बीड़ी के सुट्टे लगाती दिख जाएगी.....। गाँवों में #गाँजा महंगा हो गया है, शहरों में सफेद पाउडर सर्वत्र उपलब्ध है। मय तो हर जगह मिल ही जाती है। मोबाइल, ऑनलाइन गेम्स, लैंगिक आकर्षण, रोमियो-जूलियट से भी आगे निकल कर ये जवानी अब इन खतरनाक नशे में बर्बाद हो रही है। पूरा भारत धीरे-धीरे #उड़ता_पंजाब हो रहा है और हम दूसरे का घर जलते देख लहालहोट है।