आज परम् आदरणीय राजमाता #विजयाराजे सिंधिया जी की #जयंती है। राजमाता जी भारत के सबसे सम्पन्न #राजवंश की आप #महारानी थी, भौतिक रूप से महारानी मगर कार्यों, विचारों व्यवहार से बिल्कुल निर्लिप्त #सन्यासी, स्वतंत्रता के पश्चात लोकतांत्रिक युग में आपने दीन दुखियों की सेवा हेतु #राजनीतिक जीवन प्रारम्भ किया लेकिन जिस दल (कांग्रेस) पर जनता का सर्वाधिक विश्वास था जब वो ही उन्हें छल रहा हो तो आपका मन वहाँ कैसे रमे? स्वतंत्र पार्टी और उस दौर में विकल्प के रूप में उभरे नए नवेले #जनसंघ को आपने थामा, उसे खड़ा किया, उसके अंदर कार्यरत काम करने वाले पदाधिकारियों जो जीवन के समस्त सुखों को ठोकर मारकर, केवल और केवल राष्ट्रासाधना हेतु, #भारत माता की जय हेतु सङ्घर्ष कर रहे थे, उन्हें सम्बल दिया, सशक्त किया और कठिनाइयों से लड़कर आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया। पता था कि इसके परिणामस्वरूप तत्कालीन सत्ता उन्हें प्रताड़ित करेगी परन्तु वे झुकी नही, एक ही समय में वो 2 भिन्न दलों से विजयी भी हुई। आदरणीय #दीनदयाल जी, #अटलबिहारी जी, #आडवाणी जी, नानाजी देशमुख जी भंडारी जी और उन अनेकों कार्यकर्ताओं की माता , बहन साथी बनकर उ...
नरेश बोहरा "नरेन्द्र" (नाड़ोल) प्रान्त सह प्रचार प्रमुख विश्व हिन्दू परिषद जोधपुर प्रान्त (राजस्थान) का अधिकृत ब्लॉग पृष्ठ