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कश्मीर में हत्याकांड और छद्म राजनीति

 मिस्टर स्वघोषित कश्मीरी पंडित #राहुलगांधी

एक पण्डित को मारा है..... कश्मीर में


मिस्टर चवन्नी ....ओह ...सॉरी.. हलेलुइया चन्नी साहब

एक सिख शिक्षिका को गोली मारी गई है.... और एक दलित रेहड़ी वाले को भी....


एक अन्य गैर मुस्लिम शिक्षक  को भी आईडी प्रूफ देख कर मौत दी गई है मिस्टर भूपेश बघेल......


आओ न .....कश्मीर..... क्यों नही आते..... गिद्दों...?


नहीं आएंगे ..क्योंकि वो वोट नही दे रहे है.... उन्हें मारने वाले तो भटके हुए नोजवान है....मुस्लिम है, वोट बैंक है...हमारे आका है.... हम सब एक ही मिशन पर है....।


कहाँ हो..... तथाकथित दलित हितचिंतकों...?

जयभीम-जय मीम के ठेकेदारों....?

बाबा साहेब के स्वघोषित अवतारों......?

भारत के अन्य राज्यों में दलित अत्याचार के नाम पर सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वालो...? 

कश्मीर क्यों नही जाते.....?

गरीब वीरेन्द्र पासवान क्या तुम्हारा कुछ नही लगता..?


नहीं जाएंगे....वामपंथी चाशनी में डूबे मुरब्बे खाने वाले... विदेशी आकाओं के इशारों पर क्रिप्टो ईसाई के भेष में देश की सनातन संस्कृति व परम्पराओं को नष्ट भृष्ट करने पर तुले ये सुधारवादी नही जाएंगे... क्योकि मारने वाले किताब के निर्देश पर चलने वाले जेहादी है और....

इनकी नजर में आतंकी तो सिर्फ हिन्दू होता है...वो तो शांतिप्रिय मजहब के लोग है, भाईचारे वाले है।

छद्दम सेक्युलरिस्ट भी नही जाएंगे, स्टेटस खराब हो जाएगा।

कोई नही जाएगा.... क्योंकि..


तुम तुम थे.. तुम

न चाँद थे, न सलिब थे

हिंसा की आग के सामने बिंदु थे

तुम्हे मरना पड़ा क्योकि तुम #हिन्दू थे।


✒️©️ नरेश कुमार बोहरा 'नरेन्द्र'

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