#दृढ़_विश्वास #अटल_श्रद्धा आज का ब्लॉग दृढ़ विश्वास की कमी मनुष्य के लिए बहुत घातक होती है, यही वो कमी है जो उसे आस्था, धर्म, इष्ट आराध्य और कर्तव्यपथ से विमुख कर अंधविश्वास, पाखण्ड, निराशा और पतन की तरफ ले जाती है। सनातन संस्कृति में दृढ़ विश्वास के अनेकों उदाहरण स्पष्ट है, बालक ध्रुव को विश्वास है कि भगवान उसे पिता की गोद में बैठने का अधिकार देंगे..., भक्त प्रह्लाद निश्चिंत है कि उसे प्रभु ही बचाएंगे, शिलावत सती अहिल्या और माता शबरी आश्वस्त है कि उनके श्रीराम आएंगे, द्रौपदी जानती थी कि पंच महारथियों की पत्नी होने के बाद भी यदि वस्त्र और मर्यादा का हरण हो रहा है तो श्रीकृष्ण अवश्य अपना वचन निभाएंगे। और ये सब उदाहरण युगों युगों के लिए अमर हो गए केवल दृढ़ विश्वास और अगाध श्रद्धा के बल पर.....क्योकि यह अटूट विश्वास ही श्रद्धा को जन्म देता है। हम मनुष्यों को भगवान ने स्वयं श्री गीताजी में वचन दिया है " यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्।। परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्। धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे।।"...
नरेश बोहरा "नरेन्द्र" (नाड़ोल) प्रान्त सह प्रचार प्रमुख विश्व हिन्दू परिषद जोधपुर प्रान्त (राजस्थान) का अधिकृत ब्लॉग पृष्ठ