और अंततः राजस्थान के शिक्षा विभाग से यह खबर आ गई कि 6,7,8,9,11 कक्षा के विद्यार्थी प्रमोट होंगे, 10 व 12 वी के परीक्षाओं की घोषणा बाद में होगी.....। प्रायोगिक होंगे और स्कूल बंद.....। यह हमारे मुखमन्तड़ि जी और ढोर_चरा जी के आदेश है। 9 वी तक कि तो कक्षाएं शहरी क्षेत्रों में पहले से ही बन्द है। कोरोना काल के बाद बड़ी मुश्किल से फरवरी में विद्यालय खुले थे, बच्चें, अभिभावक, शिक्षक सब प्रसन्न थे कि अब सब ठीक होगा। परन्तु दुर्भाग्य की हमारी लापरवाही और शासन की अक्षमता ने इस खुशी को लॉक कर दिया। कोरोना महामारी में सबसे ज्यादा प्रयोग और तुगलकी आदेश शिक्षा विभाग को झेलने पड़े, हर बार नया आदेश, उस आदेश के ऊपर आदेश और फिर परिणाम यह कि किसी आदेश की ढंग से पालना नही हो पाई। अयोग्य शिक्षा मंत्री, बेलगाम अफसरशाही ने इस विभाग और यू कहे तो एक उद्योग के रूप में संचालित शिक्षण संस्थानों की कमर तोड़ दी है। क्योंकि सरकारी स्कूलों के कर्मचारियों का वेतन तो जनता के टैक्स से भुगतान कर दिया जाएगा पर निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक, कर्मचारी, चपरासी, बाबू, ड्राइवर, वार्डन, आया और अन्य जिनका घर इस पर ही चलता है...
नरेश बोहरा "नरेन्द्र" (नाड़ोल) प्रान्त सह प्रचार प्रमुख विश्व हिन्दू परिषद जोधपुर प्रान्त (राजस्थान) का अधिकृत ब्लॉग पृष्ठ