#बजरंग_दल_स्थापना_दिवस बात 1989 की है, मेरे गाँव नाड़ोल में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु आरम्भ हुई श्रीराम शिला पूजन रथयात्रा का आगमन हुआ, सभी वरिष्ठ लोग वहाँ व्यवस्था में लगे हुए थे, हम बाल स्वयंसेवकों की टोली भी वहाँ यथायोग्य गिलहरी समर्पण करने हेतु अग्रपंक्ति में उपस्थित थी। यथा समय रथयात्रा का आगमन हुआ, पूजन व पूज्य संतो का उद्बोधन हुआ, जय श्री राम के गगनभेदी उद्घोष में हम भी पूर्ण सहयोगी बने। रथयात्रा के साथ बजरंग दल के तरूणों की एक टोली भी थी जो व्यवस्था संभालने व त्वरित कार्यवाही हेतु सचेत दृष्टि से नियुक्त थी, उनके कन्धों पर सुशोभित हो रहा "बजरंग दल राजस्थान" अंकित चर्म बैल्ट मेरे आकर्षण का केंद्र बन चुका था, रथयात्रा के प्रस्थान के समय आखिर उनमें से एक युवक के पास जाकर बाल सुलभ भाव से वो बेल्ट मांग ही लिया......! आश्चर्यचकित उस युवक ने स्नेह भाव से सिर पर हाथ फेरकर गाल पर चिकोटी काटते हुए अगली बार आकर देने का वचन देकर विदा ले ली, कितने ही दिनों तक उस बेल्ट का स्वप्न आँखों में उमड़ता रहा, उन भैया जी के आने की प्रतीक्षा भी प्रबल रही पर...
नरेश बोहरा "नरेन्द्र" (नाड़ोल) प्रान्त सह प्रचार प्रमुख विश्व हिन्दू परिषद जोधपुर प्रान्त (राजस्थान) का अधिकृत ब्लॉग पृष्ठ