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Showing posts from August, 2022

छात्र संघ चुनाव में बढ़ती विकृतियां

 3 वर्षों के बाद राजस्थान के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव आज सम्पन्न हो गए। सभी विजेता प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं।  इस बार के चुनावों में अलग ही वातावरण देखने, सुनने व समझने को मिला, यह विद्यार्थियों के हितों की बात रखने हेतु यह उनके और प्रबंधन के मध्य कड़ी का कार्य करने के चुनाव मात्र है जो उच्च शिक्षा ग्रहण करने वालों को राजनीतिक परिपक्वता भी प्रदान करता है।  भारतीय राजनीतिक दलों के अंदर जो विकृतियां, विसंगतियां व्याप्त है वो अब छात्र संघ चुनाव में भावी पीढ़ी भी जबरन या इच्छा से ढो रही है यह दुःखद है। धनबल, बाहुबल, जाति बल सहित सभी षड्बल अब छात्र राजनीति में अपना लिए गए है या अपनाने हेतु बाध्य होना आवश्यक हो गया है। हमारी संस्कृति 'विद्यार्थी' जीवन को सुचिता व सद्चरित्र सहित अन्य सद्गुणों को अंगीकृत करने का अवसर मानती है, आज विद्यार्थियों को गुणों के आधार पर नहीं जाति के आधार पर बाँट दिया गया है, सभी समाचार पत्र भी यह बताने में व्यस्त रहे कि फलां जाति या वर्ग के इतने छात्र है, फ़लाँ के इतने......और फ़लां जाति का जीतेगा ...आदि। ऐसे विश्लेषण मन क...

रक्षाबंधन - एक उच्च सनातन परम्परा

रक्षा के पवित्र सङ्कल्प सिद्धि के महान पर्व #रक्षाबंधन  पर सनातन परंपरा के वाहकों को अनन्त #शुभकामनाएं। यह केवल भाई-बहन के सम्बन्धों का त्यौहार मात्र नही है, यह प्रतीक है प्रत्येक उस बन्धन का जो इस वचन के साथ आरम्भ होता है -: ' तुम निश्चिंत रहो की मैं हूँ...' प्राचीन काल में ऋषिगण ईश्वरीय शक्ति व देवताओं को,  विद्वत मनीषियों द्वारा भूपालों व शक्तिशाली मानवों को, भुदेवों व सामान्य जनमानस द्वारा अपने यजमानों को, मातृशक्ति द्वारा अपने हृदय स्वामियों को राष्ट्र व संस्कृति की रक्षा हेतु सदैव अग्रसर रहने हेतु इस पवित्र बंधन से वचनबद्ध किया जाता था। यह हमें स्मरण करवाता है कि समस्त कर्तव्यों में श्रेष्ठ है रक्षा..... वयं रक्षामः । यह संसार के सामर्थ्यशाली समाज को निर्बलों के उत्थान का आह्वान पर्व है। यदि राष्ट्र, धर्म, संस्कृति, परम्पराओं, मान्यताओं, रीतिरिवाजों, संस्कारों और प्रकृति पर्यावरण सहित उन समस्त भावों की रक्षा नही की गई तो शेष कुछ भी नही बचेगा।  केवल रक्त-माँस का पुतला ही मानव नही होता... उसे पूर्णता देने वाली व्यवस्थाओं की रक्षा भी उसका प्रथम धर्म है। यह ...