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Showing posts from January, 2022

युवाशक्ति-राष्ट्रशक्ति और स्वामी विवेकानंद की दिव्य प्रेरणा

भारत एक युवा देश है। जनसंख्या के अनुसार विश्व की सर्वाधिक युवा आबादी भारत में निवास करती है। भारत में जनगणना के नियमों में 18 से 35 वर्ष की आयु को युवा माना जाता है। विश्व में 15 वर्ष की आयु से यौवन प्रारम्भ होता है। दोनों गणनाओं में भारत विश्व में ना केवल अग्रणी है अपितु विश्व की युवा आबादी का 60 प्रतिशत से अधिक भारत में वास करता है। यह निश्चित ही एक महान निधि है किन्तु साथ ही बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है, इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित युवा शक्ति का राष्ट्रनिर्माण में प्रयोग करना एक चुनौति है। अर्थशास्त्र के विशेषज्ञों के अनुसार भी इस युवा आबादी को उपयोगी कौशल में प्रशिक्षित करना, फिर इनके लिये पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराना तथा उद्योग, कृषि व सेवा क्षेत्र में संतुलन स्थापित करना अपने आप में बड़ा ही दुष्कर कार्य है। उच्च शिक्षा में असंतुलित वृद्धि के कारण एक ओर हम बड़ी संख्या में तैयार हो रहे अभियंताओं को उचित रोजगार नहीं दे पा रहे है वहीं दूसरी ओर अनेक आवश्यक कार्यों के लिये प्रशिक्षित व्यक्ति उपलब्ध नहीं है। एक आकलन के अनुसार स्नातक स्तर पर कला क्षेत्र में घटते प्रवेश के कारण...